राजस्थान की प्रमुख घटनाओं की समय रेखा – इस पोस्ट में राजस्थान के इतिहास की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं को उनके घटित होने के वर्ष सहित एक लिस्ट में दिया गया है। प्रायः इससे सम्बंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछ लिए जाते हैं। इसलिए यह टॉपिक आप सभी अभ्यर्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा। आप सभी इसको जरूर पढ़ें और लाभ उठाएं।

राजस्थान इतिहास की प्रमुख घटनाओं की समय रेखा- History of Rajasthan

ईसा पूर्व-

समयखंडप्रमुख घटना
3000-2300 ई. पू. कालीबंगा सभ्यता
2000-1900 ई. पू.आहड़ सभ्यता
1000 ई.पू.- 600 ई. पू.आर्य सभ्यता
300 ई. पू. – 600 ई.जनपद युग
350 – 600 ई.पू.गुप्त वंश का हस्तक्षेप
187 ई. पू.यमन राजा दिमित द्वारा चित्तौड़ पर आक्रमण
75 ई. पू.शकों द्वारा राजस्थान पर कब्ज़ा
58 ई. पू.विक्रम संवत प्रारंभ

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ईस्वी सन्-

समयखंड प्रमुख घटना
78 ई. शक संवत प्रारंभ
119 ई. शक राजा नहपान का दक्षिणी पूर्वी राजस्थान पर कब्ज़ा
550 ई. हरिश्चंद्र द्वारा मंडौर में प्रतिहार वंश की स्थापना
551 ई. वासुदेव चौहान द्वारा साम्भर (सपादलक्ष) में चौहान वंश की स्थापना
6ठवीं शताब्दी व 7वीं शताब्दी हूणों के आक्रमण, हूणों व गुर्जरों द्वारा राज्यों की स्थापना – हर्षवर्धन का हस्तक्षेप
647 ई. हर्षवर्धन का निधन
728 ई. बप्पा रावल द्वारा चितौड़ में मेवाड़ राज्य की स्थापना
836 ई. प्रतिहार मिहिर भोज का राज्यारोहण
944 ई. साम्भर के चौहानों द्वारा रणथम्भौर किले का निर्माण
967 ई. कछवाहा वंश धौलाराय द्वारा आमेर राज्य की स्थापना
1015 ई. लोकदेवता तेजाजी का निधन
1018 ई. महमूद गजनवी द्वारा प्रतिहार राज्य पर आक्रमण तथा विजय
1031 ई. दिलवाड़ा (आबू) में गुजरात के राजा भीमदेव के सेनापति व मंत्री विंमल शाह द्वारा आदिनाथ मंदिर का निर्माण
1025 ई. महमूद गजनवी द्वारा वाराह (जैसलमेर) पर आक्रमण
1113 ई. अजयराज द्वारा अजयमेरु (अजमेर) की स्थापना
1137 ई. कछवाहा वंश के दुलहराय द्वारा ढूँढ़ाड़ राज्य की स्थापना
1156 ई. रावल जैसल द्वारा जैसलमेर राज्य स्थापित
1158 ई. विग्रहराज चौहान (चतुर्थ) का राज्यारोहण
1171 ई. मेवाड़ में सामंत सिंह का राज्याभिषेक
1174 ई. सामंत सिंह द्वारा चालुक्य नरेश अजयपाल को पराजित किया
1177 ई. पृथ्वीराज चौहान तृतीय का अजमेर की गद्दी पर राज्यारोहण
1182 ई. पृथ्वीराज चौहान द्वारा चंदेलों पर हमला (जयानक द्वारा ‘पृथ्वीराज विजय’ नामक ग्रन्थ रचित) 
1191 ई. मुहम्मद गोरी व पृथ्वीराज चौहान के मध्य तराइन का प्रथम युद्ध – मुहम्मद गोरी की पराजय
1192 ई. मुहम्मद गोरी व पृथ्वीराज चौहान के मध्य तराइन का द्वितीय युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को पराजित किया
1195 ई. ख्वाज़ा मुइनुद्दीन चिश्ती का अजमेर आगमन
1195 ई. मुहम्मद गौरी द्वारा बयाना पर आक्रमण
1207 ई. काकिल देव द्वारा कछवाहा राज्य की राजधानी आमेर स्थापित
1212 ई. राठौड़ राव सीहा का मारवाड़ आगमन
1213 ई. मेवाड़ के सिंहासन पर जैत्रसिंह का राज्य तिलक
1230 ई. तेजपाल व वस्तुपाल द्वारा दिलवाड़ा (आबू) में नेमिनाथ मंदिर का निर्माण
1234 ई. मेवाड़ के राणा जैत्रसिंह की इल्तुतमिश पर विजय
1237 ई. रावल जैत्रसिंह द्वारा सुल्तान बलवन पर विजय
1241 ई. हाड़ा राजा देवा द्वारा बूँदी राज्य की स्थापना
1246 ई.बारड़देव परमार द्वारा (बारड़मेर) बाड़मेर की स्थापना
1282 ई. रणथम्भौर की गद्दी पर हम्मीर का राज्यारोहण
1291 ई. हम्मीर द्वारा जलालुद्दीन का आक्रमण विफल करना
1301 ई. हम्मीर द्वारा अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण को विफल करना, षड़यन्त्र द्वारा पराजित, रणथम्भौर किले पर 11 जुलाई को तुर्की अधिकार स्थापित, हम्मीर द्वारा आत्महत्या
1302 ई. चितौडगढ़ (मेवाड़) में रतनसिंह का गुहिलों के सिहासन पर राजतिलक
1303 ई. अलाउद्दीन खिलजी द्वारा राणा रतनसिंह पराजित, पद्मिनी का जौहर, चितौड़ पर खिलजी का अधिकार, चितौड़ का नाम बदलकर खिज्राबाद किया
1308 ई. कान्हडदेव चौहान अलाउद्दीन खिलजी से पराजित, जालौर का खिलजी पर अधिकार
1353 ई. मारवाड़ में राव चूड़ा गद्दी पर बैठा
1358 ई. डूंगर सिंह द्वारा डूंगरपुर की स्थापना
1377 ई. सिसोदिया वंश के राणा हम्मीर द्वारा चितौड़ पर पुन: अधिकार
1404 ई. बाबा रामदेव का जन्म (3 जनवरी)
1423 ई. मंडौर पर रणमल का अधिकार, राव चूड़ा की हत्या
1433 ई. राणा कुम्भा का मेवाड़ के सिंहासन पर राज्यारोहण
1440 ई. महाराणा कुम्भा द्वारा चितौड़ में विजय स्तम्भ का निर्माण
1449 ई. मालवा के सुल्तान पर विजय के उपलक्ष्य में कुम्भा द्वारा बनाये जा रहे कीर्ति स्तम्भ का निर्माण पूर्ण
1451 ई. विश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक संत जाम्भोजी का पीपासर नामक स्थान पर जन्म
1453 ई. राव जोधा द्वारा मंडौर पर आधिपत्य
1456 ई. महाराणा कुम्भा द्वारा मालवा का शासक महमूद खिलजी परास्त, कुम्भा ने शम्स खाँ को हराकर नागौर पर अधिकार किया
1457 ई. मेवाड़ के विरुद्ध गुजरात व मालवा का संयुक्त अभियान
1459 ई. राव जोधा द्वारा जोधपुर नगर की स्थापना
1465 ई. राव बीका द्वारा बीकानेर राज्य की नींव
1468 ई. कुम्भा की उसके पुत्र ऊदा द्वारा हत्या
1488 ई. बीकानेर नगर का निर्माण पूर्ण
1489 ई. राव जोधा का निधन
1504 ई. मीरा बाई का जन्म
1509 ई. राणा संग्रामसिंह (राणा सांगा) मेवाड़ के शासक बने
1510 ई. पृथ्वी राज आमेर का शासक बना
1517 ई. खातोली (आसींद) के युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को हराया
1527 ई. राणा सांगा द्वारा बयाना के किले पर अधिकार (16 फरवरी) तथा 16 मार्च को खानवा के युद्ध में सांगा की बाबर के हाथों पराजय
1528 ई. राणा सांगा का बसवा (दौसा के निकट) निधन
1530 ई. महारावल जगमाल सिंह द्वारा बाँसवाड़ा राज्य की स्थापना
1532 ई. राव मालदेव अपने पिता राव गंगा की हत्या कर मारवाड़ का शासक बना
1533 ई. चित्तौड़ पर बहादुरशाह का प्रथम आक्रमण
1535 ई. चित्तौड़ पर बहादुरशाह का द्वितीय आक्रमण, वीरांगनाओं का जौहर
1538 ई. राव मालदेव का सिवाना व जालौर पर अधिकार
1541 ई. राव मालदेव द्वारा हुमायू को निमंत्रण देना
1542 ई. राव मालदेव ने बीकानेर नरेश जैत्रसिंह को परास्त किया, जैत्रसिंह की मृत्यु, हुमायूँ का मारवाड़ सीमा में प्रवेश
1544 ई. शेरशाह का जोधपुर पर अधिकार
1544 ई. राव मालदेव व शेरशाह के मध्य सामेल (जैतारण) का युद्ध, मालदेव की परास्त
1544 ई. राव मालदेव का जोधपुर पर पुनः अधिकार
1547 ई. भारमल आमेर का शासक बना
1559 ई. राणा उदयसिंह द्वारा उदयपुर नगर की स्थापना
1562 ई. राव मालदेव का निधन, मालदेव का तृतीय पुत्र राव चन्द्रसेन मारवाड़ के सिंहासन पर विराजित
1562 ई. अकबर ने अजमेर में प्रथम ताम्बे का सिक्का चलाया, आमेर के राजा भारमल की पुत्री का अकबर से सांभर में विवाह
1564 ई. राव चन्द्रसेन की मुगलों से पराजय, जोधपुर पर अकबर का आधिपत्य
1569 ई. रणथम्भौर नरेश सुरजन हाड़ा की अकबर की सेना के हाथों पराजय, सुरजन हाड़ा एवं अकबर के मध्य राजा मानसिंह के प्रयासों से सन्धि
1570 ई. बीकानेर द्वारा अकबर की अधीनता स्वीकार
1572 ई. राणा उदयसिंह की मृत्यु, महाराणा प्रताप का गोगुन्दा में राज्याभिषेक
1572 ई. अकबर द्वारा रामसिंह को जोधपुर का शासक नियुक्त
1573 ई. राजा मानसिंह व महाराणा प्रताप की मुलाकात
1574 ई. बीकानेर के शासक महाराजा कल्याणमल का निधन, रायसिंह का राज्यारोहण। आमेर के महाराजा भारमल की मृत्यु, भगवंत दास आमेर की गद्दी पर सिंहासनारूढ़
1576 ई. हल्दीघाटी का युद्ध (18 जून), महाराणा प्रताप की सेना मुगल सेना से पराजित
1578 ई. मुगल सेना द्वारा कुम्भलगढ़ पर आधिपत्य, महाराणा प्रताप का छप्पन की पहाड़ियों में प्रवेश, प्रताप ने चावण्ड को राजधानी बनाया
1580 ई. अकबर द्वारा अपने दरबार के नवरत्नों में एक ‘अब्दुल रहीम खानखाना’ को राजस्थान का सूबेदार नियुक्त
1581 ई. मारवाड़ के शासक राव चन्द्रसेन की मृत्यु
1589 ई. आमेर के राजा भगवंत दास की मृत्यु, मिर्जा राजा मानसिंह आमेर की गद्दी पर सिंहासनारूढ़
1596 ई. किशन सिंह द्वारा किशनगढ़ (अजमेर) की स्थापना
1597 ई. महाराणा प्रताप का चावण्ड में निधन
1605 ई. सम्राट अकबर ने राजा मानसिंह को 7000 मनसब प्रदान किया। अकबर की मृत्यु
1606 ई. जहांगीर की मेवाड़ पर चढ़ाई
1612 ई. बीकानेर के राजा रायसिंह का निधन
1614 ई. आमेर के राजा मानसिंह की दक्षिण भारत के एचलपुर नामक स्थान पर मृत्यु
1615 ई. मेवाड़ के राणा अमरसिंह द्वारा मुगलों से सन्धि
1616 ई. अजमेर में जहांगीर के दरबार में 10 जनवरी को व्यापारिक संधि के लिए इंग्लैंड के राजा जेम्स का राजदूत सर टॉमस रो पहुंचा
1619 ई. जोधपुर के राजा सुरसिंह का निधन, गजसिंह गद्दी पर बैठा  
1621 ई. मिर्जा राजा जयसिंह आमेर का शासक बना
1625 ई. हाड़ा माधोसिंह द्वारा कोटा राज्य की स्थापना
1638 ई. गजसिंह का निधन, जसवंत सिंह मारवाड़ का शासक बना
1644 ई. नागौर एवं बीकानेर के मध्य ‘मतीरे की राड़’ नामक युद्ध
1658 ई. धरमत का युद्ध, जसवंत सिंह की पराजय
1659 ई. खजूबा का युद्ध, जसवंत सिंह द्वारा शाही खजाने की लूट
1660 ई. मेवाड़ के महाराणा राजसिंह द्वारा राजसमन्द झील का निर्माण प्रारम्भ
1667 ई. आमेर के मिर्जा राजा जयसिंह की बुरहानपुर में मृत्यु
1678 ई. महाराजा जसवंत सिंह की मृत्यु
1691 ई. मेवाड़ के महाराणा राजसिंह द्वारा नाथद्वारा मंदिर का निर्माण
1698 ई. आमेर के सवाई जयसिंह की 10 वर्ष की आयु में शाही सेवा में नियुक्ति
1700 ई. आमेर में सवाई जयसिंह का राज्यारोहण
1707 ई. बहादुरशाह ने सवाई जयसिंह को आमेर से बेदखल किया
1708 ई. सवाई जयसिंह का मेवाड़ एवं मारवाड़ की सहायता से आमेर पर पुनः आधिपत्य
1713 ई. सवाई जयसिंह मालवा में मुग़ल राज्य का सूबेदार नियुक्त
1724 ई. जोधपुर में अजीत सिंह की हत्या, अभय सिंह शासक बना
1727 ई. सवाई जयसिंह द्वारा जयपुर नगर का स्थापना
1729 ई. सवाई जयसिंह ने बुद्ध सिंह को हटाकर दलेल सिंह को बूंदी का शासक बनाया
1733 ई. जयपुर के राजा सवाई जयसिंह मराठों से पराजित
1733 ई. सिनसिनवार जाट राजा सूरजमल ने भरतपुर राज्य की स्थापना की
1734 ई. बूंदी पर सिंधिया व होलकर का हमला, बुद्ध सिंह का पुत्र उम्मेद सिंह सिंहासन पर बैठा
1734 ई. सवाई जयसिंह ने दलेल सिंह को पुनः बूंदी का शासक बनाया
1743 ई. सवाई जयसिंह का निधन, ईश्वरी सिंह जयपुर का राजा बना
1775 ई. कछवाहा वंश के राव प्रतापसिंह द्वारा अलवर राज्य की स्थापना
1799 ई. जयपुर में हवामहल का निर्माण पूर्ण
1800 ई. जॉर्ज टॉमस द्वारा अपने इतिहास ग्रन्थ में राजस्थान के लिए सर्वप्रथम ‘राजपूताना’ शब्द का प्रयोग किया
1805 ई. भरतपुर का प्रथम युद्ध
1805 ई. जोधपुर के राजा मानसिंह ने मेहरानगढ़ किले में हस्तलिखित ग्रंथों के लिए पुस्तकालय की स्थापना
1817 ई. कोटा राज्य व ईस्ट इंडिया कंपनी में संधि
1818 ई. मेवाड़ राज्य व ईस्ट इंडिया कंपनी में संधि
1818 ई. सिरोही राज्य की ईस्ट इंडिया कम्पनी से संधि
1838 ई. मदन सिंह द्वारा झालावाड़ की स्थापना
1857 ई. 28 मई को नसीराबाद छावनी में 15वीं बंगाल नेटिव इन्फेन्ट्री द्वारा सैनिक विद्रोह, 3 जून, 1857 को नीमच छावनी के भारतीय सैनिकों ने विद्रोह, 
1875 ई. अजमेर में मेयो कॉलेज की स्थापना
1883 ई. गोविन्द गुरु द्वारा ‘सम्प सभा’ की स्थापना
1883 ई. स्वामी दयानंद सरस्वती के सान्निध्य में उदयपुर में ‘परोपकारिणी सभा’ की स्थापना
1895 ई. उदयपुर में पहला तारघर स्थापित
1897 ई. बिजोलिया किसान आन्दोलन प्रारंभ
1903 ई. लार्ड कर्जन ने एडवर्ड – सप्तम के राज्यारोहण समारोह में उदयपुर के महाराणा फतेहसिंह को आमंत्रण और महाराणा द्वारा दिल्ली प्रस्थान, केसरी सिंह बारहठ ने ‘चेतावनी का चूँगटया“ नामक सोरठा मेवाड़ महाराणा को लिखकर भेजे, जिसके कारण उन्होंने दिल्ली दरबार में भाग नहीं लिया।
1908 ई. बांसवाड़ा में अंग्रेजों द्वारा मानगढ़ में आदिवासियों पर गोलीबारी की, डेढ़ हजार आदिवासी घटना स्थल पर ही शहीद
1917 ई. मारवाड़ हितकारिणी सभा का गठन
1919-20 ई. राजस्थान सेवा संघ की अजमेर में स्थापना
1921 ई. भोमट का भील आन्दोलन प्रारम्भ
1921 ई. बेगूं का किसान आन्दोलन प्रारंभ
1921-22 ई. मोतीलाल तेजावत का ‘एकी आन्दोलन’
1921 ई. गोविन्द गुरू का वागड़ प्रदेश में आदिवासी भीलों के उद्धार के लिए ‘भगत आन्देालन’ प्रारंभ
1925 ई. नीमूचाणा हत्याकाण्ड
1927 ई. देशी राज्य लोक परिषद् का गठन
1931 ई. जयपुर प्रजामंडल गठित
1933 ई. सिरोही प्रजामंडल की स्थापना
1934 ई. मारवाड़ प्रजामंडल की स्थापना
1936 ई. धौलपुर व बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना
1938 ई. मेवाड़, अलवर, भरतपुर प्रजामंडल गठित, सुभाषचन्द्र बोस की जोधपुर यात्रा
1938 ई. मेवाड़ लोक परिषद् का गठन
1939 ई. कोटा प्रजामंडल की स्थापना
1942 ई. डाबरा हत्याकाण्ड
1945 ई. जैसलमेर प्रजामंडल की स्थापना, 31 दिसम्बर को अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के अन्तर्गत राजपूताना प्रान्तीय सभा का गठन
1946 ई. स्वाधीनता सेनानी सागरमल गोपा की हत्या
1947 ई. शाहपुरा में गोकुल लाल असावा के नेतृत्व में लोकप्रिय सरकार बनी जो 1948 में संयुक्त राजस्थान संघ में विलीन हो गई। 
 1948 ई. दिनांक 17 मार्च, 1948 को अलवर भरतपुर धौलपुर करौली को मिला कर मत्स्य संघ का गठन 
1948 ई. दिनांक 25 मार्च, 1948 को बाँसवाड़ा बूँदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा और टौंक को मिला कर राजस्थान संघ (Rajasthan Union) का गठन 
1948 ई. दिनांक 18 अप्रेल, 1948 को उदयपुर रियासत का संयुक्त राजस्थान में विलय कर संयुक्त राजस्थान संघ (United State of Rajasthan) का गठन 
1949 ई. दिनांक 30 मार्च, 1949 को बीकानेर जयपुर जैसलमेर जोधपुर का भी संयुक्त राजस्थान में विलय कर वृहद् राजस्थान (Greater Rajasthan) का गठन, 7 अप्रेल को हीरालाल शास्त्री प्रथम मनोनीत मुख्यमंत्री बने 
1949 ई. दिनांक 15 मई, 1949 को मत्स्य संघ का वृहद् राजस्थान में विलय एवं संयुक्त वृहद् राजस्थान (United State of Greater Rajasthan) का गठन
1950 ई. दिनांक 26 जनवरी, 1950 को आबू और दिलवाडा को छोड़ कर शेष सिरोही राज्य का भी विलय, राजस्थान संघ (United Rajasthan) का गठन 
1951 ई. जयनारायण व्यास 26 अप्रेल को मुख्यमंत्री बने 
1952 ई. टीकाराम पालीवाल 3 मार्च को मुख्यमंत्री बने 
1956 ई. दिनांक 1 नवम्बर, 1956 को अजमेर तथा रियासतकालीन राज्य सिरोही का अंग रहे आबूरोड तालुका (आबू व दिलवाड़ा), जो पूर्व में बंबई राज्य में मिल चुका था एवं पूर्व मध्य भारत के अंग रहे सुनेल टप्पा का राजस्थान संघ में विलय, साथ ही झालावाड़ जिले के सिरोंज उपजिला को मध्य प्रदेश में शामिल किया गया जिससे आधुनिक राजस्थान अस्तित्व में आया

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