डीयू ने नॉन कॉलेजिएट विमन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए छात्राओं को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि यूजी के पोर्टल पर ही आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए छात्राओं को एनसीडब्ल्यईबी का विकल्प चुनना होगा।

यूजीसी के निर्देश के बाद डीयू के इस बोर्ड में भी इसी साल से 15 फीसदी सीटें बढ़ेंगी। गत वर्ष एनसीवेब में 10 फीसदी सीटें बढ़ी थीं। इसमें अधिकांश कामकाजी छात्राएं आवेदन करती हैं, क्योंकि इसकी कक्षाएं सप्ताह में एक दिन रविवार या शनिवार को चलती हैं। डीयू के लगभग सभी महिला कॉलेजों में एनसीवेब की कक्षाएं चलती हैं। इसके अलावा सह शिक्षा वाले कॉलेजों में भी एनसीवेब की कक्षाएं चलती हैं।

इन 26 कॉलेजों में कटऑफ के आधार पर मिलता है दाखिला

डीयू के मिरांडा हाउस सहित कई नामी कॉलेजों में छात्राओं को कटऑफ के आधार पर दाखिला लेने का मौका मिलता है।

  • महाराजा अग्रसेन कॉलेज
  • विवेकानंद कॉलेज
  • अंबेडकर कॉलेज
  • लक्ष्मीबाई कॉलेज
  • सत्यवती कॉलेज
  • राजधानी कॉलेज
  • श्यामा प्रसाद मुखर्जी
  • कालिंदी कॉलेज
  • भारती कॉलेज
  • मैत्रेयी कॉलेज
  • गार्गी कॉलेज
  • अरबिंदो कॉलेज
  • मोतीलाल नेहरू कॉलेज
  • आर्यभट्ट कॉलेज
  • रामानुजन कॉलेज
  • पीजीडीएवी कॉलेज
  • जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज
  • भगिनी निवेदिता कॉलेज
  • अदिति कॉलेज
  • हंसराज कॉलेज
  • मिरांडा हाउस
  • जीजस एंड मेरी कॉलेज
  • दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज
  • केशव महाविद्यालय कॉलेज
  • गुरु गोविंद सिंह कॉलेज आफ कामर्स
  • कॉलेज आफ वोकेशनल स्टडीज

रेगुलर की तीसरी कटऑफ के बाद शुरू होंगे एनसीवेब में दाखिले
डीयू में एनसीवेब की निदेशक डॉ. गीता भट्ट ने बताया कि डीयू की रेगुलर की तीसरी कटऑफ निकलतने के बाद एनसीवेब में दाखिले शुरू होते हैं। विगत वर्ष छात्राओं के लिए जॉब फेयर सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इस सत्र में भी बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।

लगभग 15 हजार सीटों पर होगा दाखिला

अरबिंदो कॉलेज में एनसीवेब के कोआर्डिनेटर हंसराज सुमन का कहना है कि एनसीवेब में इस साल 15 फीसदी सीटें बढ़ने के बाद लगभग कुल 15 हजार सीटों पर दाखिला होगा। इस बोर्ड के तहत केवल बीए प्रोग्राम और बीकॉम में दाखिला दिया जाएगा। बीए प्रोग्राम से कम सीटें बीकॉम में होती हैं।

दिल्ली का पता होना जरूरी

एनसीवेब के लिए वही छात्राएं आवेदन कर सकती हैं, जिनका निवास दिल्ली का हो। इसके लिए उनका आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई प्रमाणपत्र ऐसा चाहिए, जिससे यह साबित हो कि छात्रा दिल्ली में रहती है।