राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सांगानेर में रोजाना 500 लोगों का खाना बन रहा है

बीएलओ वरिष्ठ अध्यापक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वे सुबह ही खाना बनाने में जुट जाते हैं

जयपुर: गुरू गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू अपने गोविंद दियो बताय। हमेशा गुरु को गोविंद से बड़ा दर्जा दिया गया है। लेकिन इन दिनों अस्पतालों में डॉक्टरों ने कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रखा है। ऐसे में गुरुजन भी जी जान से जुट गए हैं। इस लड़ाई में प्रदेश के 1.50 लाख शिक्षक सरकार की मदद कर रहे हैं। यह शिक्षक कोई एक काम नहीं कर रहे बल्कि एक दर्जन से अधिक कामों में सरकार की मदद कर रहे हैं। लेकिन शिक्षकों के पास संक्रमण से बचाव के लिए संसाधनों का अभाव है। कई जगह शिक्षक बिना मास्क, सेनेटाइजर और केप के ही अपनी ड्यूटी में लगे हैं।

अपने हाथों से रोज खाना बनाते हैं शिक्षक

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सांगानेर में रोजाना 500 लोगों का खाना बन रहा है। बीएलओ वरिष्ठ अध्यापक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वे सुबह ही खाना बनाने में जुट जाते हैं। भामाशाहों के सहयोग भी मिल रहा है।

प्रिंसिपल उषा शर्मा के साथ गोवर्धन नगर में शिक्षिका रेखा गुप्ता, चंचल दाधिच, प्रमिला शर्मा स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ रोज सर्वे कर रही है। उनका कहना है कि उनका एक ही मकसद है कि कोरोना को हराना है।

इतने कामों में लगी है शिक्षकों की ड्यूटी

मेडिकल टीम के साथ स्क्रीनिंग को जा रहे हैं। जबकि इनको इसके लिए प्रशिक्षण नहीं दिया गया।

डोर टू डोर सर्वे की जिम्मेदारी शिक्षकों पर। वे सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए घर-घर जाते हैं। इसके लिए उनके पास मास्क, केप सहित सुरक्षा के कोई साधन नहीं है।

50 हजार बीएलओ और सुपरवाइजर को उनके बूथ वाले इलाके में भोजन की जिम्मेदारी। निर्देश हैं कि उनके बूथ में कोई भूखा नहीं रहे।

जो लोग होम क्वारेंटाइन है। उनकी निगरानी का काम भी शिक्षकों ने बखूबी संभाल रखा है।

शिक्षकों का काम सराहनीय है। वे कोरोना से लड़ाई में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया जा चुका है कि सर्वे सहित अन्य कामों में लगे शिक्षकों को मास्क, सेनेटाइजर सहित सुरक्षा की अन्य सामग्री मुहैया कराई जाए। – गोविंद सिंह डोटासरा, शिक्षामंत्री